श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.1.17 
কেহ বক্ষে হস্ত দিযা করে আশীর্বাদ
“গোবিন্দ শীতলানন্দ করুন প্রসাদ”
केह वक्षे हस्त दिया करे आशीर्वाद
“गोविन्द शीतलानन्द करुन प्रसाद”
 
 
अनुवाद
कुछ लोगों ने भगवान की छाती पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया: "गोविन्द आप पर सुखदायक और आनंदमय कृपा करें।"
 
Some people placed their hands on the Lord's chest and blessed Him: "May Govinda bless you with soothing and blissful grace."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)