পরṁ-ব্রহ্ম বিশ্বম্ভর শব্দ-মূর্তি-ময
যে-শব্দে যে বাখানেন সে-ই সত্য হয
परꣳ-ब्रह्म विश्वम्भर शब्द-मूर्ति-मय
ये-शब्दे ये वाखानेन से-इ सत्य हय
अनुवाद
विश्वम्भर परम ब्रह्म हैं और दिव्य ध्वनि के साक्षात् स्वरूप हैं, इसलिए वे जो कुछ भी समझाते हैं, वह परम सत्य है।
Vishvambhara is the Supreme Brahman and the very embodiment of the divine sound, so whatever he explains is the ultimate truth.
तात्पर्य
श्री विश्वम्भर आध्यात्मिक विश्व के नियंता और चेतन और जड़वत पदार्थों के पोषक हैं, वो सीधे तौर पर सर्वोच्च ब्रम्ह और अतींद्रीय ध्वनि के अवतार हैं। उनकी पत्नी सरस्वती हैं, जो अतींद्रीय ज्ञान की देवी हैं। श्री विश्वम्भर द्वारा किसी भी शब्द का वर्णन, जो विद्याद-रुढ़ी रूप में चिरंतन, शुद्ध, पूर्ण, सदा मुक्त, आध्यात्मिक और सर्वप्रमुख रूप से कृष्ण से संबंधित है, वास्तविक है और परम सत्य है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥