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श्लोक 2.1.161  |
অঘাসুর-হেন পাপী যে কৈলা মোচন
কোন্ সুখে ছাডে লোক তাঙ্হার কীর্তন? |
अघासुर-हेन पापी ये कैला मोचन
कोन् सुखे छाडे लोक ताङ्हार कीर्तन? |
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| अनुवाद |
| “जिसने अघासुर का उद्धार किया, उसकी महिमा का त्याग कोई किस सुख के लिए करेगा? |
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| “For what pleasure would anyone sacrifice the glory of the one who saved Aghasur? |
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