श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 161
 
 
श्लोक  2.1.161 
অঘাসুর-হেন পাপী যে কৈলা মোচন
কোন্ সুখে ছাডে লোক তাঙ্হার কীর্তন?
अघासुर-हेन पापी ये कैला मोचन
कोन् सुखे छाडे लोक ताङ्हार कीर्तन?
 
 
अनुवाद
“जिसने अघासुर का उद्धार किया, उसकी महिमा का त्याग कोई किस सुख के लिए करेगा?
 
“For what pleasure would anyone sacrifice the glory of the one who saved Aghasur?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)