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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश
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श्लोक 16
श्लोक
2.1.16
শিরে হস্ত দিযা কেহ ’চিরজীবী করে
সর্ব-অঙ্গে হস্ত দিযা কেহ মন্ত্র পডে
शिरे हस्त दिया केह ’चिरजीवी करे
सर्व-अङ्गे हस्त दिया केह मन्त्र पडे
अनुवाद
कुछ लोगों ने भगवान के सिर पर हाथ रखकर कहा, "आप दीर्घायु हों।" अन्य लोगों ने मंत्रोच्चार करते हुए उनके विभिन्न अंगों को स्पर्श किया।
Some people placed their hands on the Lord's head and said, "May you live long." Others touched various parts of his body while chanting mantras.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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