श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 159
 
 
श्लोक  2.1.159 
পডিঞা-শুনিঞা লোক গেল ছারে-খারে
কৃষ্ণ মহা-মহোত্সবে বঞ্চিলা তাহারে
पडिञा-शुनिञा लोक गेल छारे-खारे
कृष्ण महा-महोत्सवे वञ्चिला ताहारे
 
 
अनुवाद
“वेदों के ऐसे अध्ययन से लोग मृत्यु और विनाश को प्राप्त होते हैं, और परिणामस्वरूप वे भगवान कृष्ण के उत्सवों से वंचित रह जाते हैं।
 
“By such study of the Vedas people attain death and destruction, and as a result they are deprived of the festivals of Lord Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)