“यदि कोई व्यक्ति सभी शास्त्रों का अध्ययन भी कर ले, तो भी यदि उसमें कृष्ण के नाम के प्रति कोई स्नेह या रुचि नहीं है, तो वह निश्चित रूप से पतित है।
“Even if a person studies all the scriptures, if he has no affection or interest for the name of Krishna, he is certainly fallen.
तात्पर्य
वैदूर्य-रूढ़ि त्याग कर, अज्ञान-रूढ़ि ग्रहण कर के, सब शास्त्रों को पढ़ाकर भी विद्वान कृष्ण के पारमार्थिक नामों में रस नहीं पाता है | ऐसा अभिमानी, विद्वत्सूर्य की भांति स्वयं को प्रतिष्ठित कहने वाला विद्वान यथार्थ में हंसवत व्यक्ति नहीं किंतु गधा सदृश्य नरकगामी दीन यात्री होता है |
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥