श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 142
 
 
श्लोक  2.1.142 
আইলেন মাত্র প্রভু করি’ গঙ্গ-স্নান
পডুযার বর্গ আসি’ হৈল উপস্থান
आइलेन मात्र प्रभु करि’ गङ्ग-स्नान
पडुयार वर्ग आसि’ हैल उपस्थान
 
 
अनुवाद
जैसे ही भगवान गंगा स्नान करके लौटते, उनके शिष्य वहाँ एकत्रित हो जाते।
 
As soon as the Lord returned after taking bath in the Ganga, his disciples would gather there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)