श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 123
 
 
श्लोक  2.1.123 
তোমার পডুযা সব—তোমার অবধি
পুঙ্থি কেহ নাহি মেলে, ব্রহ্মা বলে যদি
तोमार पडुया सब—तोमार अवधि
पुङ्थि केह नाहि मेले, ब्रह्मा बले यदि
 
 
अनुवाद
आपके शिष्य तो केवल आपको ही अपना गुरु मानते हैं; वे तो ब्रह्मा जी के लिए भी अपनी पुस्तकें नहीं खोलते।
 
Your disciples consider only you as their guru; they do not even open their books for Lord Brahma.
तात्पर्य
अवधी शब्द ("सीमा," "अंत," "सीमा") का अर्थ है " मार्गदर्शन में उन्नति या प्रगति करना" या "बहुत' महान।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)