श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  2.1.122 
গুরু বলে,—“ধন্য বাপ! তোমার জীবন
পিতৃ-কুল মাতৃ-কুল করিলা মোচন
गुरु बले,—“धन्य बाप! तोमार जीवन
पितृ-कुल मातृ-कुल करिला मोचन
 
 
अनुवाद
उसके गुरु ने कहा, "प्रिय, तुम्हारा जीवन गौरवशाली है। तुमने अपने माता-पिता, दोनों के परिवारों का उद्धार किया है।"
 
His guru said, "Dear, your life is glorious. You have saved the families of both your parents."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)