श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.1.12 
যথা-যোগ্য কৈলা প্রভু সবারে সম্ভাষ
বিশ্বম্ভরে দেখি’ সবে হৈলা উল্লাস
यथा-योग्य कैला प्रभु सबारे सम्भाष
विश्वम्भरे देखि’ सबे हैला उल्लास
 
 
अनुवाद
भगवान ने सभी से उचित ढंग से बात की और विश्वम्भर को देखकर सभी प्रसन्न हो गये।
 
The Lord spoke to everyone in a proper manner and everyone became happy after seeing Vishvambhara.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)