कुछ भक्त कह रहे थे कि, ''इस निम्बाई पंडित से तो सब लोग निश्चय ही कृष्ण की अनजानी लीलाओं के रहस्य को जान पायेंगे। इसमें कोई शंका ही नहीं है।''