श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.1.11 
ধাইলেন যত সব আপ্ত-বর্গ আছে
কেহ আগে, কেহ মাঝে, কেহ অতি পাছে
धाइलेन यत सब आप्त-वर्ग आछे
केह आगे, केह माझे, केह अति पाछे
 
 
अनुवाद
प्रभु के सभी मित्र और रिश्तेदार उन्हें देखने दौड़े चले आए। कुछ जल्दी आए, कुछ बीच में आए, और कुछ बाद में।
 
All of the Lord's friends and relatives rushed to see Him. Some came early, some came midway, and some came later.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)