श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 103
 
 
श्लोक  2.1.103 
ধরিযা সবার গলা কান্দে বিশ্বম্ভর
“কৃষ্ণ কোথা?—ভাই সব! বলহ সত্বর”
धरिया सबार गला कान्दे विश्वम्भर
“कृष्ण कोथा?—भाइ सब! बलह सत्वर”
 
 
अनुवाद
विश्वम्भर ने उपस्थित लोगों की गर्दन पकड़कर रोते हुए पूछा, "हे भाइयों, मुझे शीघ्र बताओ कि कृष्ण कहाँ हैं?"
 
Vishvambhara, holding the necks of those present, asked weepingly, "O brothers, tell me quickly where is Krishna?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)