श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 9: नित्यानंद की बाल्य लीलाएँ और पवित्र स्थलों की यात्रा  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  1.9.92 
সবে বোলে,—“বাপ, ইহা কোথায শিখিলা?”
হাসি’ বোলে প্রভু,—“মোর এ-সকল লীলা”
सबे बोले,—“बाप, इहा कोथाय शिखिला?”
हासि’ बोले प्रभु,—“मोर ए-सकल लीला”
 
 
अनुवाद
सबने पूछा, “प्रिय पुत्र, तुमने यह सब कहाँ से सीखा?” भगवान मुस्कुराए और बोले, “ये सब मेरी लीलाएँ हैं।”
 
Everyone asked, “Dear son, where did you learn all this?” The Lord smiled and said, “These are all my pastimes.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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