श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 9: नित्यानंद की बाल्य लीलाएँ और पवित्र स्थलों की यात्रा  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  1.9.84 
হনুমান্ বোলে,—“তোর রাবণা কুক্কুর
তা’রে নাহি বস্তু-বুদ্ধি, তুই পালা দূর
हनुमान् बोले,—“तोर रावणा कुक्कुर
ता’रे नाहि वस्तु-बुद्धि, तुइ पाला दूर
 
 
अनुवाद
हनुमानजी ने उत्तर दिया, "तुम्हारा रावण तो कुत्ता है। मैं उसे बहुत तुच्छ समझता हूँ। मेरे रास्ते से हट जाओ।"
 
Hanumanji replied, "Your Ravana is just a dog. I consider him very insignificant. Get out of my way."
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