श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 9: नित्यानंद की बाल्य लीलाएँ और पवित्र स्थलों की यात्रा  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  1.9.58 
কোন শিশু বোলে,—“মুঞি আইলুঙ্ রাবণ
শক্তি-শেল-হানি এই, সম্বর’ লক্ষ্মণ!”
कोन शिशु बोले,—“मुञि आइलुङ् रावण
शक्ति-शेल-हानि एइ, सम्वर’ लक्ष्मण!”
 
 
अनुवाद
एक बालक बोला, "मैं महाबली रावण हूँ। अब मैं शक्ति-शीला अस्त्र छोड़ रहा हूँ। लक्ष्मण, अगर रोक सको तो रोक लो!"
 
A boy said, "I am the mighty Ravana. Now I am releasing the Shakti-Sheela weapon. Lakshman, stop it if you can!"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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