श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 9: नित्यानंद की बाल्य लीलाएँ और पवित्र स्थलों की यात्रा  »  श्लोक 237
 
 
श्लोक  1.9.237 
নিত্যানন্দ-স্বরূপের তীর্থ-পর্যটন
যেই ইহা শুনে, তা’রে মিলে প্রেম-ধন
नित्यानन्द-स्वरूपेर तीर्थ-पर्यटन
येइ इहा शुने, ता’रे मिले प्रेम-धन
 
 
अनुवाद
जो कोई भी नित्यानंद स्वरूप की पवित्र स्थानों की यात्रा का वर्णन सुनेगा, उसे दिव्य प्रेम का खजाना प्राप्त होगा।
 
Whoever listens to the description of Nityananda Swarup's journey to holy places will receive the treasure of divine love.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)