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श्लोक 1.9.203  |
তাঙ্’র তীর্থ-যাত্রা সব কে পারে কহিতে?
কিছু লিখিলাঙ মাত্র তাঙ্’র কৃপা হৈতে |
ताङ्’र तीर्थ-यात्रा सब के पारे कहिते?
किछु लिखिलाङ मात्र ताङ्’र कृपा हैते |
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| अनुवाद |
| भगवान की तीर्थयात्रा का वर्णन कौन कर सकता है? मैंने उनकी कृपा से ही संक्षेप में लिखा है। |
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| Who can describe the Lord's pilgrimage? By His grace I have written briefly. |
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