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श्लोक 1.9.197  |
ত্রিমল্ল দেখিযা কূর্ম-নাথ পুণ্য-স্থান
শেষে নীলাচলচন্দ্র দেখিতে পযান |
त्रिमल्ल देखिया कूर्म-नाथ पुण्य-स्थान
शेषे नीलाचलचन्द्र देखिते पयान |
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| अनुवाद |
| उन्होंने त्रिमल्ल और कूर्मक्षेत्र का दौरा किया और अंततः वे नीलचल के स्वामी जगन्नाथ के दर्शन करने गये। |
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| He visited Trimalla and Kurmakshetra and finally went to see Lord Jagannatha of Nilachal. |
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