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श्लोक 1.9.188  |
মাধবেন্দ্র-প্রতি নিত্যানন্দ মহাশয
গুরু-বুদ্ধি ব্যতিরিক্ত আর না করয |
माधवेन्द्र-प्रति नित्यानन्द महाशय
गुरु-बुद्धि व्यतिरिक्त आर ना करय |
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| अनुवाद |
| नित्यानंद माधवेन्द्र को अपना गुरु ही मानते थे। |
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| Nityananda considered Madhavendra as his guru. |
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