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श्लोक 1.9.152  |
এই-মত অভয পরমানন্দ রায
ভ্রমে’ নিত্যানন্দ, ভয নাহিক কাহায |
एइ-मत अभय परमानन्द राय
भ्रमे’ नित्यानन्द, भय नाहिक काहाय |
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| अनुवाद |
| निर्भय, आनंदित नित्यानंद प्रभु इस प्रकार बिना किसी के भय के यात्रा करते थे। |
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| Fearless, blissful Nityananda Prabhu thus travelled without fear of anyone. |
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