vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव
»
श्लोक 77
श्लोक
1.8.77
দেখিতে দেখিতে জগন্নাথ পুত্র-মুখ
নিতি-নিতি পায অনির্বচনীয সুখ
देखिते देखिते जगन्नाथ पुत्र-मुख
निति-निति पाय अनिर्वचनीय सुख
अनुवाद
प्रतिदिन जगन्नाथ मिश्र को अपने पुत्र का चेहरा देखकर अवर्णनीय खुशी का अनुभव होता था।
Every day Jagannath Mishra felt indescribable happiness seeing his son's face.
तात्पर्य
निति-निति शब्द का अर्थ "नियमित रूप से" या "प्रतिदिन" है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×