vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव
»
श्लोक 71
श्लोक
1.8.71
বাঞ্ছা-কল্প-তরু প্রভু শ্রী-গৌরসুন্দর
জাহ্নবীর বাঞ্ছা পূর্ণ করে নিরন্তর
वाञ्छा-कल्प-तरु प्रभु श्री-गौरसुन्दर
जाह्नवीर वाञ्छा पूर्ण करे निरन्तर
अनुवाद
भगवान गौरसुन्दर एक इच्छा-पूर्ति वृक्ष की तरह हैं जो गंगा की इच्छाओं को निरंतर संतुष्ट करते हैं।
Lord Gaurasundara is like a wish-fulfilling tree who constantly satisfies the desires of Ganga.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×