vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव
»
श्लोक 68
श्लोक
1.8.68
বহু মনোরথ পূর্বে আছিল গঙ্গার
যমুনার দেখি’ কৃষ্ণচন্দের বিহার
बहु मनोरथ पूर्वे आछिल गङ्गार
यमुनार देखि’ कृष्णचन्देर विहार
अनुवाद
भगवान कृष्ण का सानिध्य प्राप्त करने में यमुना का सौभाग्य देखकर गंगा ने भी उसी अवसर की अभिलाषा की थी।
Seeing Yamuna's good fortune in getting the company of Lord Krishna, Ganga also desired the same opportunity.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×