vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव
»
श्लोक 60
श्लोक
1.8.60
যত ব্যাখ্যা কৈলা, তাহা দূষিলা সকল
প্রভু বোলে,—“স্থাপ’ এবে কা’র আছে বল”
यत व्याख्या कैला, ताहा दूषिला सकल
प्रभु बोले,—“स्थाप’ एबे का’र आछे बल”
अनुवाद
प्रभु ने उनके प्रत्येक स्पष्टीकरण का खंडन करने के बाद पूछा, "अब इन स्पष्टीकरणों को कौन पुनः स्थापित कर सकता है?"
After refuting each of their explanations, the Lord asked, “Who can now reinstate these explanations?”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×