श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.8.30 
মিশ্র বোলে,—“পুত্র আমি দিলুঙ্ তোমা’ স্থানে
পডাইবা শুনাইবা সকল আপনে”
मिश्र बोले,—“पुत्र आमि दिलुङ् तोमा’ स्थाने
पडाइबा शुनाइबा सकल आपने”
 
 
अनुवाद
जगन्नाथ मिश्र बोले, "मैं आपको अपना पुत्र अर्पित कर रहा हूँ। कृपया उसे सब कुछ सिखा दीजिए।"
 
Jagannatha Mishra said, "I am offering you my son. Please teach him everything."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)