vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव
»
श्लोक 192
श्लोक
1.8.192
প্রভু বোলে,—“তুমি আশীর্বাদ কর যা’রে
ভট্টাচার্য-পদ কোন্ দুর্লভ তাহারে?”
प्रभु बोले,—“तुमि आशीर्वाद कर या’रे
भट्टाचार्य-पद कोन् दुर्लभ ताहारे?”
अनुवाद
भगवान ने उत्तर दिया, "आप जिस किसी को भी आशीर्वाद देते हैं, उसके लिए भट्टाचार्य बनना कठिन नहीं है।"
The Lord replied, "It is not difficult for anyone whom you bless to become a Bhattacharya."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×