vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव
»
श्लोक 174
श्लोक
1.8.174
কত-ক্ষণ থাকি’ প্রভু জাহ্নবীর তীরে
তবে পুনঃ আইলেন আপন-মন্দিরে
कत-क्षण थाकि’ प्रभु जाह्नवीर तीरे
तबे पुनः आइलेन आपन-मन्दिरे
अनुवाद
उन्होंने कुछ समय गंगा तट पर बिताया और फिर अपने घर लौट आये।
He spent some time on the banks of the Ganga and then returned to his home.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×