श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 8: जगन्नाथ मिश्र का तिरोभाव  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.8.11 
বিপ্র-গণে বেদ পডে, ভাটে রাযবার
শচী-গৃহে হৈল আনন্দ-অবতার
विप्र-गणे वेद पडे, भाटे रायबार
शची-गृहे हैल आनन्द-अवतार
 
 
अनुवाद
ब्राह्मणों ने वेदों का पाठ किया और व्यावसायिक आशीर्वाददाताओं ने प्रार्थनाएँ कीं। इस प्रकार शचीदेवी का घर परमानंद का अवतार बन गया।
 
Brahmins recited the Vedas and professional benefactors offered prayers. Thus, Sachidevi's home became the embodiment of bliss.
तात्पर्य
शब्द रायबारा का अर्थ है "प्रार्थना" या "महिमा का भजन" और साथ ही "प्रार्थनाओं का पाठ करने वाला" या "दूत"।

वाक्यांश हेलो आनंद-अवतार का अर्थ है "खुशी का अवतार प्रकट हुआ।" दूसरे शब्दों में, खुशी का बाजार प्रकट हुआ है।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)