“ब्रह्मा, शिव, अनंत शेष - सभी ने जप किया, ‘जय शचीनंदन!’
“Brahma, Shiva, Ananta Sesha – all chanted, ‘Jai Sachinandan!’
तात्पर्य
चतुर्मुख शब्द भगवान ब्रह्मा के लिए प्रयुक्त होता है, पंचमुख शब्द भगवान शिव के लिए प्रयुक्त होता है और सहस्रवदन शब्द श्री शेष या अनंत के लिए प्रयुक्त होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)