श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  1.7.90 
দিলেন কৃষ্ণ সে পুত্র, নিলেন কৃষ্ণ সে
যে কৃষ্ণচন্দের ইচ্ছা, হৈব সেই সে
दिलेन कृष्ण से पुत्र, निलेन कृष्ण से
ये कृष्णचन्देर इच्छा, हैब सेइ से
 
 
अनुवाद
"कृष्ण ने मुझे एक पुत्र दिया, और फिर उसे ले लिया। कृष्ण जो चाहेंगे, वही होगा।"
 
"Krishna gave me a son, and then took him away. Whatever Krishna wants will happen."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)