श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.7.4 
নিরন্তর চপলতা করে সবা-সনে
মা’যে শিখালেও প্রবোধ নাহি মানে
निरन्तर चपलता करे सबा-सने
मा’ये शिखालेओ प्रबोध नाहि माने
 
 
अनुवाद
भगवान् निरन्तर उत्पात मचाते रहते थे। अपनी माता के आदेश पर भी वे नहीं रुकते थे।
 
The Lord was constantly creating havoc. He did not stop even when his mother commanded him to.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)