श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  1.7.39 
দিগম্বর, সর্ব অঙ্গ—ধুলায ধুসর
হাসিযা অগ্রজ-প্রতি করেন উত্তর
दिगम्बर, सर्व अङ्ग—धुलाय धुसर
हासिया अग्रज-प्रति करेन उत्तर
 
 
अनुवाद
धूल से ढके हुए नग्न खड़े विश्वम्भर मुस्कुराये और अपने बड़े भाई से बोले।
 
Standing naked and covered with dust, Vishvambhar smiled and spoke to his elder brother.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)