श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  1.7.34 
রন্ধন করিযা শচী বোলে বিশ্বম্ভরে
“তোমার অগ্রজে গিযা আনহ সত্বরে”
रन्धन करिया शची बोले विश्वम्भरे
“तोमार अग्रजे गिया आनह सत्वरे”
 
 
अनुवाद
भोजन पकाने के बाद माता शची ने विश्वम्भर से कहा, "शीघ्र जाओ और अपने बड़े भाई को लेकर आओ।"
 
After cooking the food, Mother Shachi said to Vishvambhara, "Go quickly and bring your elder brother."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)