श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 194
 
 
श्लोक  1.7.194 
সবেই বোলেন,—“মিশ্র, তুমি ত’ উদার
কা’র কথায পুত্রে নাহি দেহ’ পডিবার?
सबेइ बोलेन,—“मिश्र, तुमि त’ उदार
का’र कथाय पुत्रे नाहि देह’ पडिबार?
 
 
अनुवाद
वहाँ उपस्थित अन्य लोगों ने कहा, "हे मिश्र! आप तो बड़े उदार हैं। आपको किसने उनकी पढ़ाई बंद करने के लिए प्रेरित किया है?"
 
Others present there said, "O Mishra! You are very generous. Who has inspired you to stop his studies?"
तात्पर्य
शब्द बोले का अर्थ "बोलना" या "कथन" होता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)