श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 177
 
 
श्लोक  1.7.177 
এ-সব হাঙ্ডীতে মূলে নাহিক দূষণ
তুমি যা’তে বিষ্ণু লগি’ করিলা রন্ধন
ए-सब हाङ्डीते मूले नाहिक दूषण
तुमि या’ते विष्णु लगि’ करिला रन्धन
 
 
अनुवाद
“वास्तव में ये बर्तन बिल्कुल भी दूषित नहीं हैं, क्योंकि तुमने इनका उपयोग भगवान विष्णु के लिए खाना पकाने में किया है।
 
“Actually these utensils are not contaminated at all, because you have used them to cook food for Lord Vishnu.
तात्पर्य
शब्द mūle का अर्थ "स्वाभाविक रूप से" या "वास्तव में", शब्द dūṣaṇa का अर्थ "गलत", " घृणित" या "अशुद्ध", और शब्द yāte का अर्थ "क्योंकि" होता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)