श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 166
 
 
श्लोक  1.7.166 
শিশু-গণ জানাইল গিযা শচী-স্থানে
“নিমাই বসিযা আছে হাঙ্ডীর আসনে”
शिशु-गण जानाइल गिया शची-स्थाने
“निमाइ वसिया आछे हाङ्डीर आसने”
 
 
अनुवाद
उनके मित्रों ने जाकर माता शची को बताया, "निमाई अस्वीकृत बर्तनों पर बैठे हैं।"
 
His friends went and told Mother Shachi, "Nimai is sitting on rejected utensils."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)