श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 144
 
 
श्लोक  1.7.144 
আমা-সবার কৃষ্ণ আছেন রক্ষযিতা
কিবা চিন্তা তুমি যা’র মাতা পতি-ব্রতা
आमा-सबार कृष्ण आछेन रक्षयिता
किबा चिन्ता तुमि या’र माता पति-व्रता
 
 
अनुवाद
"भगवान कृष्ण हमारे रक्षक हैं, और आप एक अच्छी माँ और पतिव्रता पत्नी हैं। तो आपको चिंता क्यों करनी चाहिए?"
 
"Lord Krishna is our protector, and you are a good mother and a devoted wife. So why should you worry?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)