श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  1.7.126 
এই পুত্র—সবে দুই-জনের জীবন
ইহারে না দেখিলে দুই-জনের মরণ
एइ पुत्र—सबे दुइ-जनेर जीवन
इहारे ना देखिले दुइ-जनेर मरण
 
 
अनुवाद
"यह बेटा हमारी जान और आत्मा है। अगर हम इसे नहीं देखेंगे, तो हम दोनों ज़रूर मर जाएँगे।"
 
"This son is our life and soul. If we don't look after him, we'll both surely die."
तात्पर्य
दुइ-जनरे शब्द से विस्वंभर के माता और पिता का बोध होता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)