श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 124
 
 
श्लोक  1.7.124 
সর্ব-শাস্ত্র-মর্ম জানি’ বিশ্বরূপ ধীর
অনিত্য সṁসার হৈতে হৈলা বাহির
सर्व-शास्त्र-मर्म जानि’ विश्वरूप धीर
अनित्य सꣳसार हैते हैला बाहिर
 
 
अनुवाद
“शास्त्रों का सार जानने के बाद, संयमी विश्वरूप ने क्षणभंगुर भौतिक जीवन त्याग दिया।
 
“Having learned the essence of the scriptures, the ascetic Visvarupa renounced the fleeting material life.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)