श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  1.7.119 
এ-মত সুবুদ্ধি শিশু নাহি ত্রিভুবনে
বৃহস্পতি জিনিঞা হৈবে অধ্যযনে
ए-मत सुबुद्धि शिशु नाहि त्रिभुवने
बृहस्पति जिनिञा हैबे अध्ययने
 
 
अनुवाद
"तीनों लोकों में इस बालक के समान कोई बुद्धिमान बालक नहीं है। यह विद्या में बृहस्पति को भी परास्त कर देगा।"
 
"There is no child as intelligent as this boy in the three worlds. He will defeat even Jupiter in knowledge."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)