श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 103
 
 
श्लोक  1.7.103 
প্রবোধেন সবারে অদ্বৈত-মহাশয
“পাইবা পরমানন্দ সবেই নিশ্চয
प्रबोधेन सबारे अद्वैत-महाशय
“पाइबा परमानन्द सबेइ निश्चय
 
 
अनुवाद
उन्हें सांत्वना देने का प्रयास करते हुए, श्री अद्वैत प्रभु ने कहा, "आप सभी निश्चित रूप से महान परमानंद प्राप्त करेंगे।
 
Attempting to console them, Sri Advaita Prabhu said, “All of you will certainly attain great bliss.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)