vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण
»
श्लोक 103
श्लोक
1.7.103
প্রবোধেন সবারে অদ্বৈত-মহাশয
“পাইবা পরমানন্দ সবেই নিশ্চয
प्रबोधेन सबारे अद्वैत-महाशय
“पाइबा परमानन्द सबेइ निश्चय
अनुवाद
उन्हें सांत्वना देने का प्रयास करते हुए, श्री अद्वैत प्रभु ने कहा, "आप सभी निश्चित रूप से महान परमानंद प्राप्त करेंगे।
Attempting to console them, Sri Advaita Prabhu said, “All of you will certainly attain great bliss.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×