श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री विश्वरूप का संन्यास ग्रहण  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.7.10 
সর্ব-শাস্ত্রে সবে বাখানেন বিষ্ণু-ভক্তি
খণ্ডিতে তাঙ্হার ব্যাখ্যা নাহি কা’রো শক্তি
सर्व-शास्त्रे सबे वाखानेन विष्णु-भक्ति
खण्डिते ताङ्हार व्याख्या नाहि का’रो शक्ति
 
 
अनुवाद
उन्होंने समझाया कि सभी शास्त्रों का तात्पर्य भगवान विष्णु की भक्ति सेवा है, और कोई भी उनकी व्याख्या का खंडन करने में सक्षम नहीं है।
 
He explained that all scriptures imply devotional service to Lord Vishnu, and no one is able to refute his interpretation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)