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श्लोक 1.6.76  |
স্নান করি’ উঠিলে বালুকা দেয অঙ্গে
যতেক চপল শিশু, সেই তা’র সঙ্গে |
स्नान करि’ उठिले बालुका देय अङ्गे
यतेक चपल शिशु, सेइ ता’र सङ्गे |
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| अनुवाद |
| "जब हम नहाकर बाहर आते हैं, तो वह हम पर रेत फेंकता है। उसके चारों ओर तरह-तरह के शरारती लड़के घिरे रहते हैं। |
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| "When we come out of the bath, he throws sand at us. He is surrounded by all sorts of mischievous boys. |
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