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श्लोक 1.6.127  |
বিশ্বম্ভর দেখি’ সবে আলিঙ্গন করি’
হাসযে সকল শিশু শুনিঞা চাতুরী |
विश्वम्भर देखि’ सबे आलिङ्गन करि’
हासये सकल शिशु शुनिञा चातुरी |
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| अनुवाद |
| जब विश्वम्भर वहाँ पहुँचे तो बालकों ने उन्हें गले लगा लिया और जो कुछ हुआ उसे सुनकर हँस पड़े। |
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| When Vishvambhar reached there, the children embraced him and laughed at what had happened. |
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