vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 5: भिक्षु ब्राह्मण के भोग को ग्रहण करना
»
श्लोक 92
श्लोक
1.5.92
বিপ্র বোলে,—“কিছু দুঃখ না ভাবিহ মনে
ফল মূল কিছু আমি করিবা ভোজনে
विप्र बोले,—“किछु दुःख ना भाविह मने
फल मूल किछु आमि करिबा भोजने
अनुवाद
ब्राह्मण बोला, "कृपया दुःखी न हों। मैं कुछ फल और मूल खाऊँगा।"
The Brahmin said, "Please don't be sad. I will eat some fruits and roots."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×