vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 1: आदि-खण्ड
»
अध्याय 5: भिक्षु ब्राह्मण के भोग को ग्रहण करना
»
श्लोक 83
श्लोक
1.5.83
দেখিযা অপূর্ব মূর্তি তৈর্থিক ব্রাহ্মণ
মুগ্ধ হৈযা এক-দৃষ্ট্যে চাহে ঘনে-ঘন
देखिया अपूर्व मूर्ति तैर्थिक ब्राह्मण
मुग्ध हैया एक-दृष्ट्ये चाहे घने-घन
अनुवाद
उनकी असाधारण सुन्दरता देखकर भिक्षुक ब्राह्मण आश्चर्यचकित हो गया और उन्हें निरंतर देखता रहा।
Seeing her extraordinary beauty, the beggar Brahmin was astonished and kept looking at her continuously.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×