कण्ठे बाल-गोपाल वाक्यांश इस बात को बताता है कि ब्राह्मण ने अपने पूजनीय देवता बाल-गोपाल और शालग्राम को अपने गले में आभूषण के रूप में लटकाया हुआ था।