श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 5: भिक्षु ब्राह्मण के भोग को ग्रहण करना  »  श्लोक 163
 
 
श्लोक  1.5.163 
সে প্রভুর লোক-সব করে শিশু-জ্ঞান
কথা কহি,—সবেই পাউক পরিত্রাণ
से प्रभुर लोक-सब करे शिशु-ज्ञान
कथा कहि,—सबेइ पाउक परित्राण
 
 
अनुवाद
“मैं उन्हें बता दूं कि यह बालक ही परमेश्वर है, ताकि वे मुक्ति पा सकें।”
 
“Let me tell them that this child is God, so that they can be saved.”
तात्पर्य
वाक्य 'कथा कही' का अर्थ है "मैं उन गोपनीय बातों का खुलासा करता हूँ।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)