श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 1: आदि-खण्ड  »  अध्याय 5: भिक्षु ब्राह्मण के भोग को ग्रहण करना  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  1.5.122 
যে স্থানে করেন বিপ্র অন্ন নিবেদন
আইলেন সেই স্থানে শ্রী-শচীনন্দন
ये स्थाने करेन विप्र अन्न निवेदन
आइलेन सेइ स्थाने श्री-शचीनन्दन
 
 
अनुवाद
तब श्री शचीनंदन उस स्थान पर गए जहाँ ब्राह्मण अर्पण कर रहा था।
 
Then Sri Sachinandan went to the place where the Brahmin was offering.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)